Friday, 9 July 2021

विडम्बना रोजगार नहीं मिलना नहीं है. Employment is Problem???? Noooo.....

 विडम्बना रोजगार नहीं मिलना नहीं है .. 

आप रोजगार के लिए कितने योग्य हैं … यह विडम्बना है …

  1. देश के मशहूर पत्रकारों ने क शायद ही जर्नलिज्म की पढाई की हो लेकिन वे लिओखना जानते रहे है l कैसे ? अभ्यास और लगातार पढना और लिखना l
  2. क्या आप एक आवेदन पत्र लिख सकते हैं. ९५ % विद्यार्थी अपना परीक्षा परिणाम प्राप्त करने के लिए हिंदी / अंग्रेजी या अपनी स्थानीय भाषा में आवेदन नहीं लिख सकते l उन्हे ठेला भी लगाने का हुनर नहीं है l
  3. देश में अनेक राज्य , जिले , ग्राम, शहर ऐसे हैं जहा के ९९% विद्यार्थी परीक्षाएं उत्तीर्ण कतरते हैं और लिखना पढना उनके लिए आज भी असंभव सा कार्य होता है l
  4. सबको नौकरी चाहिए ? कौन सी ? सरकारी ! क्यों ? काम नहीं करना पड़ेगा और उपरी कमाई होगीं l इसलिए चपरासी के लिए भी एम् बी ए , पी ऍच डी लाइन में खड़े हैं , क्यों ? एम् बी ए ,की परीक्षा में सभी विद्यार्थी पास करना अनिवार्य है l कॉलेज को सीट खाली रह जाने पर पर लाखों का नुक्सान हो जायेगा l पी ऍच डी भी कोई और लिखता है और नक़ल करने से भी लिखी जाती रही है l प्लेगरिस्म तो अब जांचा जाने लगा है ll
  5. हम क्यों पढ़ रहे हैं क्या पढ़ रहे हैं ? ९९ % विद्यार्थी आकस्मिक विद्यार्थी होते हैं जो कुछ भी पढ़ते हैं l रूचि से नहीं, स्वयं की लगन से नहीं l
  6. यह सरकार की जिम्मेदारी क्यों हो कि सबको नौकरी दे जाये ? सर्कार कौशल विकास का कार्य कर त्राहि रही है सीखिए और अपना काम कीजिये l लाखो का ऋण बिना किसी विशेष ग्यारंटी के l आत्मनिर्भर बनिए और अपने बच्चों को भी बचपन से ही मार्गदर्शन काउन्सलिंग करवाईये l करोडो नौकरियां खली है क्योंकि उस काम को करने वाले लोग ही नहीं हैं l करियर काउंसलर से मिलिए आपका सही कार्य और शिक्षा आप चुन पाएंगे l
  7. कृपया दोष देना सबसे आसान है … स्वयं की योग्यता को दिशा दीजिये .

कृपया इस लेख को , अच्छा लगा  तो हजारों वोट देकर आगे बढाईये l 

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