Saturday, 20 April 2024

कोविड 19 , उस समय देश में यदि भाजपा / मोदी जी की सरकार न होती, तो आधे से ज्यादा देश कहाँ होता ?

 मित्रों आज जब देश में पुनः लोकसभा चुनाव २०२४ का एक दौर पूर्ण हो चुका है और तीन दौर शेष हैं ,  तब हमें  कुछ  २०१४ से २०२४ तक   घटी एक घटना पर चिन्तन और काल परीक्षण करना ही चाहिए l

२०१९ में जब चीन की वुहान जैविक प्रयोगशाला में बनाया गया एक कीटाणु / (VIRUS ) पूरे विश्व में काल बनकार मृत्यु का मुख खोल कर बढ़ रहा था और अमेरिका के कुछ पूंजीपति और चीन की प्रयोगशाला के शेयर होल्डर , वक्सिन बनने के बाद पूरी दुनिया में कोविड वायरस भेज रहे थे ; ऐसे में भारत के भी कुछ विपक्षी दल विदेशी वेक्सिन को खरीदने का दबाव बना रहे थे l 

Toolkit के सभी सदस्य आज एक गठबंधन इंडी A में गलबहियां कर खड़े हैं l  ये सब उस समय मौत में व्यापार बना कर अपना लाभ निश्चित कर देश के आत्मनिर्भर होने में रोड़ा बने थे और Pfizer जैसी कंपनी के साथ अपना खजाना भरने में लगे  थेl 

उस समय भाजपा की मोदी सरकार ने अपने वैज्ञानिकों पर विश्वास कर कोवेक्सिन बनवा कर विश्वा के १०१ देशों के मित्र बन उन्हें वेक्सिन पहुंचा रहे  थे l

मैं २०२१ में दुबई गया था और वहां भारतीय  वेक्सिन की प्रशंसा हो रही थी और चीन की वेक्सिन के निष्प्रभावी सिद्ध होने की  चर्चा थी l 

कृपया वेक्सिन वार , चल चित्र देखें l

भारत की वेक्सिन पूर्ण प्रभाव के  साथ लोगों की  जान बचा रही थी और अन्य वेक्सिन ४००० की कीमत ले कर भी कोई विश्वास नहीं पैदा कर पाइ l

आप कल्पना कर देखिये  कि अगर हमारी वक्सिन ना आई होत्ती तो कितने लोग मौत के मुख में जा चुके होते l 

अखिलेश , राहुल , लालू , केजरीवाल सब वेक्सिन लगवा कर भी वेक्सिन का विरोध कर रही थे l 

कजरी वाल तो दिल्ली की सारे अस्पताल में सभी पलंग विशेष लोगों  के लिए रोक कर मासूम मरीजों को मरने की लिये  छोड़ दिये और चार गुना ऑक्सीजन  दबा कर बैठ गए थे l

कृपया इन  को भूले नहीं l

प्राण बचने का धन्यवाद करें और बचाने वाले को पुनः पुनः सत्ता में लें कर  आएं l 

मतदान का धर्म सर्व प्रथम l

मतदान अवश्य करें l       

Thursday, 18 April 2024

सोशल मीडिया पर , क्या आपने भी ये देखा , अनुभव किया !

 १० -१५  वर्ष  पहले अनेक ऐसे लोग थे और आज भी हैं जिन्हें  गांधी परिवार और सेकुलरिज्म से कोई समस्या नही थी l वो सरे  मजहब को सनातन धर्म के सामान मानते थे l  

मगर ..... मगर ...

इन १५  वर्षों में विभिन्न माध्यमों से मुझे कुछ ऐसे सत्य पता चले जो हैरान करने वाले थे। इन सत्य को जानकर मैं और जिज्ञासु होने लगा हूँ l यद्यपि कुछ लोग (सनातनी)  ऐसे विचारको को भेड़ भव करने वाला कहते हैं l किन्तु दुसरे मजहब वालों की सभी हरकतों को ... उचित कहते हैं l

किन्तु सत्य तो यही है ... कि इस सोशल मीडिया ने बहुत से सत्य उजागार कर दिए l यहीं पर्मैने नेहरु जी की विविविध मुद्राएँ देखी और  मोहन दास गाँधी जी के भी विविध रूपों के चित्र देखे l  

और क्या देखा ...

1. सोशल मीडिया से मुझे यह पता चला कि "पत्रकार" निष्पक्ष नहीं होते। वे भी किसी मकसद/व्यक्तिगत स्वार्थ से जुड़े होते हैं।

2. लेखक, साहित्यकार भी निष्पक्ष नहीं होते। वे भी किसी खास विचारधारा से जुड़े होते हैं।

3. साहित्य अकादमी, बुकर, मैग्ससे पुरस्कार प्राप्त बुद्धिजीवी भी निष्पक्ष नहीं होते।

4. फिल्मों के नाम पर एक खास विचारधारा को बढ़ावा दिया जाता है। बालीबुड का सच पता चला।

5. हिन्दू धर्म को सनातन धर्म कहते हैं और देश का नाम हिंदुस्तान है, क्योंकि यह हिंदुओं का इकलौता देश है।

6. हिन्दू शब्द सिंधु से नहीं (ईरानियों द्वारा स को ह बोलने से) नहीं आया बल्कि "हिन्दू" शब्द "ऋग्वेद" में लाखों वर्ष पूर्व से ही वर्णित था।

7. जातिवाद, बाल विवाह, पर्दा प्रथा हजारों वर्ष पूर्व सनातनी नहीं बल्कि मुगलों के आगमन से उपजी कु-व्यवस्था थी, जिसे अंग्रेजों ने सनातन से जोड़कर हिन्दुओं को बांटा। उसे लिखित इतिहास बनाया।

8. किसी समय भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म पूरे विश्व में फैला था।

9. वास्कोडिगामा का सच ये था कि वह एक लुटेरा, धोखेबाज था और किसी भारतीय जहाज का पीछा करते हुए, भारत पहुंचा।

10. बप्पा रावल का नाम, काम और अद्भुत पराक्रम सुना। उनसे डरकर 300 वर्ष तक मुस्लिम आक्रांता इधर झांके भी नहीं।

11. बाबर, हुमायूँ, अकबर, औरंगजेब, टीपू सुलतान सहित सभी मुगल शासक क्रूर, हत्यारे, इस्लाम के प्रसारक और हिंदुओं का नरसंहारक थे, यह सच पता चला।

12. ताज़महल, लालकिला, कुतुब मीनार हिन्दू भवन थे, इनकी सच्चाई कुछ और थी।

13. जिसे लोग व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी कहकर मजाक उड़ाते हैं, उसी ने मुझे हेडगेवार, सुभाष चंद्र बोस, सरदार पटेल व हिन्दू समाज के साथ कि गई गद्दारी की सच्चाई बताईं।

14. गाँधी जी की तुष्टिकरण और भारत विभाजन के बारे में ज्ञान हुआ।गांधी जी जब अहिंसा के पुजारी थे तो शांतिदूतो को अहिंसा का पाठ न पढाके सिर्फ़ हिन्दुओं को क्यों पढाया

15. नेहरू की असलियत, उसके इरादे, उसकी हरकतें, पता चलीं।

16. POJKL के बारे में भी इन 15 वर्षों में जाना कि कैसे पाकिस्तान ने कब्जा किया। और कौन लोग POJKL को भारत का हिस्सा नहीं मानते हैं।

17. अनुच्छेद 370 और उससे बने नासूर का पता चला।

18. कश्मीर में दलितों को आरक्षण नहीं मिलता, यह भी अब पता चला।

19. AMU मे दलितों को आरक्षण नहीं मिलता, वह संविधान से परे है।

20. जेएनयू की असलियत, वहाँ के खेल और हमारे टैक्स से पलने वाली टुकड़े टुकड़े गैंग का पता चला।

21. वामपंथी-देशद्रोही विचारधारा के बारे में पता चला।

22. मदर टेरेसा की असलियत अब जाकर ज्ञात हुई।

23. ईसाई मिशनरी और धर्मांतरण के बारे में पता चला।

24. समुदाय विशेष में तीन तलाक, हलाला, तहरुष, मयस्सर, मुताह जैसी कुरीतियों के नाम भी अब जाकर सुना। इनका मतलब जाना।

25- पर्दा प्रथा ग़लत है कुरीति है पर्दा प्रथा महिलाओं को गुलाम बनाता है यह तो पढ़ाया गया

लेकिन बुर्का हिजाब हलाला और तीन तलाक जरूरी है ये नही पढ़ाया गया

26. अब मुझे पता चला कि धिम्मी, काफिर, मुशरिक, शिर्क, जिहाद, क्रुसेड जैसे शब्द हिन्दुओं के लिए क्या संदेश रखते हैं।

27. सच बताऊं, गजवा ऐ हिन्द के बारे मे पता भी नहीं था। कभी नाम भी नहीं सुना था। यह सब इन 15 वर्षों में पता चला। स्टॉकहोम सिंड्रोम और लवजिहाद का पता चला।

28. सेकुलरिज्म की असलियत अब पता चली। मानवाधिकार, बॉलीवुड, बड़ी बिंदी गैंग, लुटियंस जोन इन सबके लिए तो हिन्दू एक चारा था।

29. हिन्दू पर्सनल लॉ और मुस्लिम पर्सनल लॉ अलग हैं, यह भी सोशल मीडिया ने ही बताया। नेहरू ने हिन्दू पर्सनल लॉ को समाप्त कर दिया लेकिन मुस्लिम पर्सनल लॉ को रहने दिया।

30. भारतीय इतिहास के नाम पर हमें झूठा इतिहास पढ़ाया गया, जिन मुगलों ने हमें लूटा, हम पर अत्याचार किया उन्हें महान बताया गया। यदि कोई बाहरी व्यक्ति आपके घर पर कब्जा करे लूटे अत्याचार करे, वह महान और लुटने वाला लुटेरा कैसे हो सकता है।

31. इतना सब पता चलने के बाद भी और मोदीजी के महान नेतृत्व के बाद भी केवल तीस प्रतिशत हिन्दू ही समझ पाए बाकी वैसे ही हैं।

32. यहां तक कि न्यायमूर्ति कहे जाने वाले न्यायाधीश तक निष्पक्ष नहीं होते, कुछ विचारधारा से, कुछ डर के कारण, न्याय नहीं कर सकते।

33. अभिव्यक्ति की आजादी और सही इतिहास जिसे दफन कर दिया गया था वह अब धरती फाड़कर बाहर आ रहा हैै। पर पहले लिखा इतिहास सारा झूठ का पुलंदा था।

34. सभी राजनीतिक पार्टियों की वास्तविक हकीकत, और उनका एजेंडा पता चला.

साभार्-  श्री समीर मुखर्जी , कोरा लेखक l   Published on 7 April 2024.

Monday, 15 April 2024

Raise in support to Police- who encountered the Jihadis culprits of -'A doctors Murder after Rape

 

 उपरोक्त चित्र आप को स्मरण होगा l

 शायद आपको हैदराबाद की वो घटना आज भी याद होगी..

👉जब एक "महिला डॉक्टर" स्कूटी से जा रही थी और उसकी स्कूटी खराब हो गई कुछ "G"हादी ने स्कूटी ठीक करने के बहाने उसके साथ बेरहमी से दुष्कर्म किया और उसको मार दिया

👉पूरे देश में गुस्सा फैल गया, दरिंदो की बुराई देखकर पुलिस भी उठ खड़ी हुई, पुलिस ने सभी शैतान लोगों को गिरफ्तार कर लिया और जब वे भागने लगे तो सभी का एनकाउंटर कर दिया। तब लोगों ने उन पुलिसकर्मियों की जय-जयकार की, उन पर फूल बरसाये, जगह-जगह उनका सम्मान किया

👉अब उन्हीं पुलिसकर्मियों को दोषी ठहराया गया है 😭 सभी को जेल भेज दिया गया है और उनका भविष्य समाप्त हो गया है, लेकिन उनके पक्ष में एक आवाज नहीं उठी l 

👉क्योंकि आरोपी "G"हादी कीड़ों के साथ उनका एक पूरा इको सिस्टम होता है

👉उन पुलिस वालों ने किसी व्यक्तिगत हत्या या फायदे के लिए एनकाउंटर नहीं किया 🤔

👉उन बुरे लोगों की बुराई और दुष्टता देखकर ही न्याय किया गया था, जो बिल्कुल सही था।

👉आश्चर्य की बात है कि इस पर पूरा देश खामोश है। उन पुलिसवालों को कहीं से कोई सहयोग नहीं मिल रहा है.

👉शायद समाज की इसी प्रवृत्ति के कारण अच्छे लोग निराश होकर चुप बैठ जाते हैं😔

जो चल रहा है, जैसा चल रहा है, सोच कर जाने दो..l 

आरोपी का इको सिस्टम बहुत मजबूत और  हम दो दिन में सब भूल जाते हैं, ये उन्हें भी पता है l 

👉दोस्तों अगर आप इन बहादुर पुलिसकर्मियों के समर्थन में आवाज नहीं उठाएंगे तो कल संकट के समय आपको, आपकी बहनों और बेटियों को बचाने कोई सिंघम नहीं आएगा l 

👉यह ✊ एकजुटता दिखाने का समय है। मुठभेड़ असली थी और दुष्कर्म वाले, हत्यारे भी असली थे l 

यह संदेश हर जगह, हर ग्रुप में भेजें जिससे देश में उन पुलिस कर्मियों के हित में सकारात्मक वातावरण बने

मैं आवाज उठाऊंगा और आप ?🙏🤔

अगर आज आवाज नहीं उठेगी तो कोई सिंघम भविष्य में आगे नहीं आएगा..

Wednesday, 3 April 2024

Barbour JIHAD, नाई जिहाद

अविश्वसनीय किन्तु सत्य 

यदि आप अपने बाल कटवाने, दाढ़ी बनवाने , पम्मिंग , त्रिम्मिंग करने नाइ के पास जाते हैं तो  सावधान हो जाइये और नाम मजहब पूछ कर तथा उसके बाद भी आँखें खुली रखें और नया उस्तरा , नया ब्लेड , साफ़ धुली कंघी, बाल काटने की मशीन ; सब के बारे में पूर्ण सतर्क रहे और जोर से बोले और पूछें l 

क्योंकि 

अब एक नया जेहाद भी सामने हैl नाइ जेहाद l 

आपका नाइ चाहे वो किसी ब्रांडेड सलून , या पार्लर में ही हो , आपका स्वास्थ्य और जीवन हरण , और नष्ट कर सकता है / सकती है l

नीचे चित्र भी दिया है कि मुंबई में दो नाइयों ने स्वीकार किया है कि वो किसी एड्स पीड़ित का रक्त लगा ब्लेड प्रयोग कर अनेक लोगो को एड्स का रोगी बना चुके हैं , जिसकी शिक्षा उन्हें मस्जिद में दी गयी l      


 मुंबई में देवबंद और रजा अकादमी द्वारा नाई-जिहाद😡😡

*दोनो मुस्लिम लड़कों अली और मोहम्मद ने पुलिस को बताया*

*मस्जिदों में इन्हे हिंदुओं की दाढ़ी/कटिंग के दौरान एड्स के ब्लेड से कट लगाने का हुनर सिखाया जाता है*

*यह नाई जिहाद है जिस्मे हिन्दुओं को एड्स का मरीज बनाकर मारा जा रहा है*

कुओरा  QUORA  पर १५ मार्च को की गयी पोस्ट, भारतीय जनता पार्टी के पेज पर दिवाकर की पोस्ट..  साभार ... 

Tuesday, 2 April 2024

Saint Javier's Goa, The reality of his saint hood. हिन्दुओं का हत्यारा l

The picture below, is the Inquisition Pole, where many Sanatanis Hands were chopped off by Sant Javiers. 

Why...

When Hindus refuted to convert to Christianity, there hands were chopped off by the Saint Javiers on the pole. 

was he a saint whose body is still kept in the Church at Old Goa, and many visitors including Hindus also reach there and pray.

यह है गोवा का कुख्यात 'हाथ कटारो खंभ'। इधर, असंख्य हिंदुओं के हाथ सिर्फ इसलिए काटे गए क्योंकि उन्होंने ईसाई धर्म अपनाने से इनकार कर दिया था!

ईसाईयो ने ईसाई धर्म  के प्रचार और इसे अपनाने के लिए दुनियां क़े सात या आठ हत्याकांड  inquisitions किए उसमें गोवा inquisition प्रमुख हैं।

गोवा जितना जबरन धर्मांतरण और हिंदुओं का कत्ल कहीं नहीं हुआ।

ज्यादातर देशों ने धर्मांतरण को मान लिया था लेकिन गोवा के ब्राह्मणों ने बलिदान देना पसंद किया पर धर्मांतरण नहीं स्वीकार किया l  इसलिए सेंट जेवियर्स ने गोवा में १५६० में inqusition हेडक्वार्टर स्थापित किया जो १८२० तक चला बाद में इसे बंद कर दिया गया।

मेरा सुझाव है कि 'गोवा फाइल्स' चलचित्र बनाकर  उन अत्याचारों को उजागर करना आवश्यक है जिनका सामना हिंदुओं और गोवा के हमारे पूर्वजों ने किया था।