मित्रों आज जब देश में पुनः लोकसभा चुनाव २०२४ का एक दौर पूर्ण हो चुका है और तीन दौर शेष हैं , तब हमें कुछ २०१४ से २०२४ तक घटी एक घटना पर चिन्तन और काल परीक्षण करना ही चाहिए l
२०१९ में जब चीन की वुहान जैविक प्रयोगशाला में बनाया गया एक कीटाणु / (VIRUS ) पूरे विश्व में काल बनकार मृत्यु का मुख खोल कर बढ़ रहा था और अमेरिका के कुछ पूंजीपति और चीन की प्रयोगशाला के शेयर होल्डर , वक्सिन बनने के बाद पूरी दुनिया में कोविड वायरस भेज रहे थे ; ऐसे में भारत के भी कुछ विपक्षी दल विदेशी वेक्सिन को खरीदने का दबाव बना रहे थे l
Toolkit के सभी सदस्य आज एक गठबंधन इंडी A में गलबहियां कर खड़े हैं l ये सब उस समय मौत में व्यापार बना कर अपना लाभ निश्चित कर देश के आत्मनिर्भर होने में रोड़ा बने थे और Pfizer जैसी कंपनी के साथ अपना खजाना भरने में लगे थेl
उस समय भाजपा की मोदी सरकार ने अपने वैज्ञानिकों पर विश्वास कर कोवेक्सिन बनवा कर विश्वा के १०१ देशों के मित्र बन उन्हें वेक्सिन पहुंचा रहे थे l
मैं २०२१ में दुबई गया था और वहां भारतीय वेक्सिन की प्रशंसा हो रही थी और चीन की वेक्सिन के निष्प्रभावी सिद्ध होने की चर्चा थी l
कृपया वेक्सिन वार , चल चित्र देखें l
भारत की वेक्सिन पूर्ण प्रभाव के साथ लोगों की जान बचा रही थी और अन्य वेक्सिन ४००० की कीमत ले कर भी कोई विश्वास नहीं पैदा कर पाइ l
आप कल्पना कर देखिये कि अगर हमारी वक्सिन ना आई होत्ती तो कितने लोग मौत के मुख में जा चुके होते l
अखिलेश , राहुल , लालू , केजरीवाल सब वेक्सिन लगवा कर भी वेक्सिन का विरोध कर रही थे l
कजरी वाल तो दिल्ली की सारे अस्पताल में सभी पलंग विशेष लोगों के लिए रोक कर मासूम मरीजों को मरने की लिये छोड़ दिये और चार गुना ऑक्सीजन दबा कर बैठ गए थे l
कृपया इन को भूले नहीं l
प्राण बचने का धन्यवाद करें और बचाने वाले को पुनः पुनः सत्ता में लें कर आएं l
मतदान का धर्म सर्व प्रथम l
मतदान अवश्य करें l
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