लक्ष्मीः कौस्तुभपारिजातकसुराधन्वन्तरिश्चन्द्रमाः।
गावः कामदुहा सुरेश्वरगजो रम्भादिदेवांगनाः।
अश्वः सप्तमुखो विषं हरिधनुः शंखोमृतं चाम्बुधेः। रत्नानीह चतुर्दश प्रतिदिनं कुर्यात्सदा मंगलम्
१ - हलाहल विष सबसे पहले यही निकला था इसे शिव जी ने पिया था।
२ - कामधेनु इच्छापूर्ति करने वाली धेनु इसे देवताओं ने लिया था।
३ - उच्चैश्रवा घोड़ा अश्वों का राजा इसे दैत्यों ने लिया था।
४ - ऐरावत - इस हाथी को इंद्र ने ग्रहण किया था।
५ - कौस्तुभ मणि इस बहुमूल्य मणि को भगवान विष्णु वक्षस्थल पर धारण करते हैं।
६ - कल्पद्रुम यह एक धार्मिक ग्रंथ है।
७ - रंभा यह सुंदर अप्सरा इंद्र के राजसभा में रहती है।
८ - लक्ष्मी इनका विवाह भगवान विष्णु से हुआ था इनके साथ इनकी बड़ी बहन दरिद्रा भी उत्पन्न हुई थी।
९ - वारुणी यह एक वस्त्र पहने गिरती पड़ती स्त्री थी जो कि मदिरा बनी इसे दैत्यों ने ग्रहण किया।
१० - सोम इसे शिव जी ने ग्रहण किया था।
११ - पारिजात यह एक वृक्ष है जो कि देवताओं के नंदनवन में स्थित है।
१२ - शंख पांचजन्य शंख
१३- धनवंतरी एक वैद्य
१४ -अमृत
लक्ष्मीः कौस्तुभपारिजातकसुराधन्वन्तरिश्चन्द्रमाः।
गावः कामदुहा सुरेश्वरगजो रम्भादिदेवांगनाः।
अश्वः सप्तमुखो विषं हरिधनुः शंखोमृतं चाम्बुधेः।
रत्नानीह चतुर्दश प्रतिदिनं कुर्यात्सदा मंगलम्।
नारायण हरी ऊँ