Sunday, 8 December 2024

समुद्र मंथन में कौन-कौन से १४ रत्न मिले थे?

 

समुद्र मंथन में कौन-कौन से १४ रत्न मिले थे?

लक्ष्मीः कौस्तुभपारिजातकसुराधन्वन्तरिश्चन्द्रमाः।

गावः कामदुहा सुरेश्वरगजो रम्भादिदेवांगनाः।

अश्वः सप्तमुखो विषं हरिधनुः शंखोमृतं चाम्बुधेः। रत्नानीह चतुर्दश प्रतिदिनं कुर्यात्सदा मंगलम्

१ - हलाहल विष सबसे पहले यही निकला था इसे शिव जी ने पिया था।

२ - कामधेनु इच्छापूर्ति करने वाली धेनु इसे देवताओं ने लिया था।

३ - उच्चैश्रवा घोड़ा अश्वों का राजा इसे दैत्यों ने लिया था।

४ - ऐरावत - इस हाथी को इंद्र ने ग्रहण किया था।

५ - कौस्तुभ मणि इस बहुमूल्य मणि को भगवान विष्णु वक्षस्थल पर धारण करते हैं।

६ - कल्पद्रुम यह एक धार्मिक ग्रंथ है।

७ - रंभा यह सुंदर अप्सरा इंद्र के राजसभा में रहती है।

८ - लक्ष्मी इनका विवाह भगवान विष्णु से हुआ था इनके साथ इनकी बड़ी बहन दरिद्रा भी उत्पन्न हुई थी।

९ - वारुणी यह एक वस्त्र पहने गिरती पड़ती स्त्री थी जो कि मदिरा बनी इसे दैत्यों ने ग्रहण किया।

१० - सोम इसे शिव जी ने ग्रहण किया था।

११ - पारिजात यह एक वृक्ष है जो कि देवताओं के नंदनवन में स्थित है।

१२ - शंख पांचजन्य शंख

१३- धनवंतरी एक वैद्य

१४ -अमृत

लक्ष्मीः कौस्तुभपारिजातकसुराधन्वन्तरिश्चन्द्रमाः।

गावः कामदुहा सुरेश्वरगजो रम्भादिदेवांगनाः।

अश्वः सप्तमुखो विषं हरिधनुः शंखोमृतं चाम्बुधेः।

रत्नानीह चतुर्दश प्रतिदिनं कुर्यात्सदा मंगलम्।

नारायण हरी ऊँ

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