Wednesday, 24 March 2021

Crore-pati Chaiwala Entrepreneur (No not honb'le Modi ji) MBA चायवाला

 आपकी सेवा में संघर्ष और सफलता की एक सत्य कथा प्रस्तुत कर रहा हूँ। 

MBA चायवाला।  .....MBA  की कक्षा से सातवे दिन ही सदा के लिए मुक्ति पा ली।  ...CAT में तीन साल तक असफलता।  बर्गर बनाने की दुकान में नौकरी। जहाँ  से ऍम बी ए करने का सपना देखा वहाँ पढ़ने का अवसर नहीं मिला लेकिन आज वहां भाषण /उद्बोधन देने मार्गदर्शन करने के लिए बुलाया जाता है।  हार्वर्ड , (IIM) भारतीय प्रबंध संस्थान और सभी नामी विश्वविद्यालय उसे अपने मंच पर सम्मानित करते हैं, सुनते हैं।  

.... नाम है ....  श्रीमान प्रफुल्ल बिल्लोरे अहमदाबाद अर्थात Mr Billore  Ahmedabad  यानि MBA .

प्रफुल्ल ने प्रारम्भिक शिक्षा धार (म प्र )से प्राप्त की और स्नातक करने के साथ और बाद में कैट (CAT) Common Admission Test, IIM से  एम बी ए. करने के लिए तीन साल तक लगातार मेहनत औरअसफल होने के बाद, फिर वही CAT परीक्षा ... कसम खा ली कि अब....  📚किताबों को हाथ नहीं लगाऊंगा। पुस्तकों को बाँध कर रख दिया। पूरा दिन सोये,  मन में उथल पुथल निराशा, दिल में तड़प लिए निकल पड़े ....  एक सवाल ... ? माता पिता के सपने.. ?  

पूरा देश घूमे बंगलुरू, मद्रास दिल्ली दक्षिण से उत्तर और फिर पश्चिम में अहमदाबाद में तन को छाँव --- मन को ठहराव  मिला। काफी भटकने और सोच विचार के बाद मैक्डोनाल्ड्स में नौकरी शुरू की ३७ रुपये प्रति घण्टा। अपनी कड़ी मेहनत से तरक्की पाते  गए लेकिन .!.. संतुष्टि नहीं...!  

मन बेचैन था.....!अपनी पहचान अपना आत्मसम्मान पाने को। 

प्रफुल्ल कहते हैं कि बर्गर देते, ट्रे उठाते उन्हें विचार आया कि जो काम मैं दूसरे के लिए कर रहा हूँ अपने लिए और अपना काम भी तो हो सकता है। 

बस नौकरी छोड़ दी ....अपना कॉफ़ी हाउस स्थापित करने के लिए.... जगह की तलाश की ....लेकिन १५ लाख रुपये की व्यवस्था कैसे करें.....? और उसके बाद भी तो पैसा लगेगा ...!.... 

२०१४ की एक शाम को विचारआया ......कि.... पूरे देश में सबसे ज्यादा क्या बिकता है ?... और हर घर में क्या पीया जाता है ? मुझे आज तक जीने का हौसला और पढाई करने में क्या चीज सहायक रही.......?

 चाय। ... 🍵 

अब चाय बेचेंगे।  सामने ही बर्तन की दुकान थी .....कुछ चाय के बर्तन ख़रीदे। पिताजी से पढाई करने के नाम पार पैसे मंगाए क्योंकि और किसी काम के लिए तो हिंदुस्तानी माता पिता पैसे देते नहीं.. डेढ़ महीना मन को मजबूत करते समझते बीत गया.... चाय बेचेगा लोग क्या कहेंगे..... साहस ही नहीं हो रहा..जिसने कभी खुद के लिए चाय नहीं बनाई वो चाय बनाएगा.....!... बेचेगा..!...परमेश्वर ने राह दिखाई हौसला मिला और......  

दुकान स्थापित कर दी...... बड़ा सपना..... छोटी शुरुआत....अभी शुरू करो.... लगे रहो (Dream Big , Start small, ...At now.... and Continue...) का अपना मंत्र लेकर ...!... चाय बनाई और इंतज़ार...!.... ग्राहक ही नहीं आये ,,, तब......! अगले दिन लोगों को चाय खुद जा कर दी और स्वाद बताने को कहा १५० रुपये की पांच चाय बिकी।  लोगो के लिए आश्चर्य था की अंग्रेजी बोलने वाला.... चाय वाला.!.... तीसरे दिन 600 चौथे दिन दो हजार पांचवे दिन पांच हजार....और...... 

चाय की दुकान चल निकली लेकिन आस पास के चाय वालों ने गुण्डे भेजकर और पुलिस से दबाव डलवाकर दुकान हटवा दी.. 

मैं फिर से बेकार हो गया  ग्राहकों के फ़ोन आते सोशल मीडिया पर पूछते , " भाई दुकान बंद क्यों कर दी ?" " चाय कब पिलाओगे?"

 मेँ पंद्रह दिन तक परेशान रहा। .. लोगो से मिलना चाय देना.....पैसे गिनना सब याद आता ....और..... बेचैनी बढ़ती जाती....!  

.....फिर एक हॉस्पिटल में जाकर चाय की दुकान डालने के लिए जगह माँगी.....उन्होंने तत्काल मेरी मदद की और १०,००० रुपए महीना पर जगह दे दी। चाय की दुकान चालू हो गयी ...

और....ग्राहक केवल चाय पीने आएंगे पैसे देंगे और.....और क्या...

 अब बारी थी कुछ नया करने की.... हर दिन कुछ समारोह हो लोगो की जिंदगी में अपनापन और खुशियाँ बाटने के लिए क्या करें। .. जन्मदिन.. शादी और नौकरी की सालगिरह 

चाय की दुकान में एक सफ़ेद बोर्ड लगाया.... जिसे भी नौकरी चाहिए वह अपने बारे में लिख दे ...share your thoughts...

सैकड़ों की नौकरी हमारी दुकान से लग चुकी , कई लोगो की जोड़ियाँ बनकर शादी हो गयी.....करोडो रुपये महीना कमाता हूँ तो देश में जहा भी ज़रूरत होती है हम वह सेवा करते हैं. केरल में बाढ़ , उड़ीसा में तूफान, और दुनिया में जहाँ भी कही आपदा आती है MBA चायवाला वहाँ सेवा के लिए पहुंच जाता है। 

अब दुकान का नाम क्या हो तो हज़ारो नाम में से नाम रखा MBA चायवाला.... लोगों ने मजाक बनाया लेकिन आज यही नाम है जो ख्याति दिला रहा है। ५० से जायदा लोगो की टीम एक परिवार है। देश भर में सात शाखाएँ  है।  दिल्ली में आप पार्टी के कार्यालय में भी दुकान है।  

प्रफुल्ल कहते हैं कोई भी काम काम होता है  सबसे बड़ा लोहार है टाटा TATAऔर सबसे बड़ा  मोची है बाटा BATA लेकिन काम तो वही है इसलिए छोटा काम सोच कर नहीं काम के महत्व को समझने से छोटा काम भी बड़ा हो जाता है। ब्रांड बन जाता है। जो काम आप को ठीक लगे उसे अपने तरीके से करिये और लोगो की जिंदगी में आप क्या महत्वपूर्ण कर सकते हैं उसे कर डालिये। 

भगवन श्री कृष्ण ने कहा है........

 श्रेयान्स्वधर्मो    विगुणः  परधर्मात्स्वनुष्ठितात ।  

स्वधर्मे    निधनं   श्रेयः    परधर्मो   भयावहः।।३५ ।। अध्याय ३।। कर्मयोग।।श्रीमद्भगवद्गीता।।

अर्थ - अपने नियत कर्मों को दोषपूर्ण ढंग से संपन्न करना भी अन्य के कर्मों को भलीभाँति करने से श्रेयस्कर है। स्वीय (अपने लिए) कर्मों को करते हुए मरना पराये कर्मों में प्रवृत्त होने की अपेक्षा श्रेष्ठतर है , क्योंकि अन्य किसी के मार्ग का अनुसरण भयावह होता है। 

प्रिय पाठको संघर्ष और सफलता की एक सत्य कथा है,  कैसी लगी ? आपने क्या सीखा ? क्या ऐसा है इस कहानी में  लिखा नहीं पर सन्देश छुपा हुआ है...... लिखियेगा।     


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