Tuesday, 23 March 2021

What is Vaidik Management ? वैदिक प्रबंधन क्या है?



वैदिक प्रबंधन - विद का अर्थ है ज्यान / ज्ञान। वैदिक का अर्थ हुआ जाना हुआ /ज्ञात।  प्रबंधन  का अर्थ है जो व्यवस्थित , क्रमित, सुगठित और तर्क एवं प्रयोग सिद्ध कार्य है।  इस प्रकार वेदो से जनित /जाना हुआ प्रयोग सिद्ध व्यवस्था का कार्य। वैदिक प्रबंधन का आधार है पुरुषार्थ।  धर्म ,अर्थ, काम, मोक्ष ये चार पुरुषार्थ हैं। इन पुरुषार्थों के लिए मनुष्य अपनी योजना / तत्परता भी आवश्यक है अतः यज्ञ कर्म को जानें।  यज्ञ कर्म (यजु का अर्थ जोड़ना) मनुष्य को प्रकृति , जीव जगत , अंतरिक्ष आकाश और ब्रह्म से जोड़ता है।  
अथर्ववेद का प्रथम मंत्र है " ये त्रिषप्ताः  परियंति विश्वा रूपाणि विभृतः।  वाचस्पतिर्बला तेषां तन्वोsअद्य दधातु मे। (१। १। १। १। )
अर्थ - ये त्रिषप्ताः = ३ x ७ =२१। ५ महाभूत , अग्नि , जल ,वायु, पृथ्वी, आकाश। ५ ज्ञानेन्द्रियाँ - आँख, कान ,नाक, जिव्हा, त्वचा। ५ कर्मेन्द्रियाँ - हाथ , पाँव , गुदा , उपस्थ (जननेन्द्रिय) और जिव्हा।  ५ प्राण- प्राण , अपान , व्यान , समान , उदान।  तथा १ अंतःकरण।  ऐसे २१ तत्वों में हे परमेश्वर आप विश्व के सब रूपों को धारण करते हुए (परियंती) सबमें व्याप्त हैं।  तेषां - उनके बल को (वाचस्पति) वेद वाणी के पति (प्रमुख) परमेश्वर   आज से मेरे शरीर में धारण करावें। 
  वैदिक प्रबंधन में शरीर , बुद्धि, मन, प्राण, चित्त के अनुशासन (धर्म ) के साथ 'कर्म' - अनुशासित , सुनियोजित , लक्ष्य केंद्रित किन्तु सजगता, समभाव एवं संवेदना के साथ विहित (वैध valid ) एवं निहित कार्य निष्पादन करना जिससे (अर्थ) के उपलब्धि हो किन्तु ऐसा अर्थ (धन) समस्त कर , दान एवं श्रम का मूल्य (राष्ट्र ऋण , गुरु व आचार्य ऋण , ऋषि ऋण, मातृ -पितृ ऋण , देव ऋण (प्रकृति ऋण) चुकाकर ही उपभोग किया जाये। इस प्रकार मोक्ष अर्थात सुख, समृद्धि, स्वस्थ्य एवं तृप्ति प्राप्त हो।  
उपरोक्त सभी में वित्त (Financial) प्रबंध, तकनीकी , नीति (ethics) , रणनीति (Strategic) प्रबंध, मानव संसाधन , पर्यावरण , अर्थशास्त्र, शरीर विज्ञान, राजनीति सभी का विस्तृत अध्ययन वैदिक प्रबंधन का विषय क्षेत्र है। 
विश्वास है की आपको यह वैदिक प्रबंधन की यह संक्षिप्त (synopsis) व्याख्या जिज्ञासा में अभिवृद्धि करेगी।  आप और अधिक अन्वेषण करने को उद्धत होंगे। 
सादर --- डॉ विनोद मिश्र (M Com , एम ए (अर्थ ), MTA (पर्यटन)  , MEd, MBA, एम ए (हिंदी), एम ए (अंग्रेजी) , एम ए (संस्कृत) . प्रबंध , उद्यमिता प्राध्यापक एवं प्रशिक्षक व्यक्तित्व विकास , योग, ध्यान, सुदर्शन क्रिया। एवं कॉर्पोरेट कौशल (एक्सीलेंस)  एवं स्वस्थता (वेलनेस) विशेषज्ञ।    

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